ईरान हिंसा पर खामेनेई – ट्रम्प में तीखी जुबानी जंग, हजारों मौतों के बीच बढ़ा तनाव
ट्रंप के हाथ खून में रंगे हैं : खामनेई
ईरान हिंसा पर खामेनेई–ट्रम्प में तीखी जुबानी जंग, हजारों मौतों के बीच बढ़ा तनाव
ईरान में हालिया हिंसा के बाद देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। खामेनेई ने पहली बार यह स्वीकार किया कि दिसंबर के अंत से जारी प्रदर्शनों में हजारों लोगों की जान गई है, लेकिन इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
खामेनेई ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के “हाथ खून से रंगे हैं” और ईरान में अशांति को बाहर से हवा दी गई।
खामेनेई के आरोपों पर ट्रम्प ने भी कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा ईरानी सत्ता अब “कुछ दिनों की मेहमान” है और देश को नए नेतृत्व की जरूरत है। ट्रम्प ने तेहरान के शासकों पर दमन और हिंसा के बल पर सत्ता बनाए रखने का आरोप लगाया।
ईरान में 28 दिसंबर 2025 को मुद्रा रियाल की गिरावट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो देखते ही देखते सभी 31 प्रांतों में फैल गए। हिंसा में अब तक तीन हजार से अधिक लोगों की मौत की बात कही जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हैं। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि हजारों लोग गोलीबारी में मारे गए, जबकि 18 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इस बीच ईरान के वरिष्ठ धर्मगुरु और गार्जियन काउंसिल के सदस्य आयतुल्ला अहमद खातमी ने प्रदर्शनकारियों को अमेरिका और इजराइल का एजेंट बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कुछ आरोपियों को फांसी देने तक की बात कही है। दूसरी ओर, निर्वासन में रह रहे ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने जनता से आंदोलन तेज करने और सरकार गिराने की अपील की है।
व्हाइट हाउस का दावा है कि ट्रम्प के दबाव के चलते ईरान सरकार को सैकड़ों लोगों की प्रस्तावित फांसी रोकनी पड़ी है। संयुक्त राष्ट्र ने भी हालात पर चिंता जताते हुए जान-माल के भारी नुकसान की पुष्टि की है, हालांकि मृतकों के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। ईरान संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।





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