वंदे भारत को रोकने की कोशिश पर बवाल, रेलवे ट्रैक पर लट्ठ और सीमेंट रख वीडियो बनाते दिखे कंटेंट क्रिएटर्स
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसमें कुछ कंटेंट क्रिएटर्स को वंदे भारत एक्सप्रेस को रोकने के लिए रेलवे ट्रैक पर लकड़ी के लट्ठ और सीमेंट के खंभे रखते हुए देखा जा सकता है। सिर्फ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के मकसद से की गई इस खतरनाक हरकत को लोग “एक्ट ऑफ टेरर” तक बता रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में दिखता है कि ट्रैक पर अवरोध के कारण लोको पायलट को वंदे भारत एक्सप्रेस को रोकना पड़ता है। ट्रेन रुकने के बाद लोको केबिन से एक पुलिसकर्मी बाहर आकर युवकों से सवाल करता नजर आता है। इस दौरान कंटेंट क्रिएटर्स यह कहते हुए भी सुनाई देते हैं कि वे “सिर्फ वीडियो बना रहे हैं।” वीडियो में वे इसे अपना व्लॉग बताते हुए “आज तो वंदे भारत गया” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
इस घटना को लेकर रेलवे यात्रियों और आम लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। विशेषज्ञों और यात्रियों का कहना है कि अगर ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में होती, तो यह घटना बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी। न केवल ट्रेन को नुकसान पहुंचता, बल्कि उसमें सवार सैकड़ों निर्दोष यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। साथ ही, वंदे भारत जैसी समयबद्ध ट्रेन को रोकने से पूरे रूट की रेल व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने IRCTC, रेलसेवा और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को टैग कर इन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि भारतीय रेलवे देश की सार्वजनिक संपत्ति है और इसके साथ इस तरह की छेड़छाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
कानूनी जानकारों के अनुसार, रेलवे ट्रैक पर जानबूझकर अवरोध पैदा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर जुर्माना और जेल दोनों की सजा हो सकती है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर दोषियों को तीन साल तक की जेल और आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है, जिसकी राशि नुकसान के आकलन और न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगी।
हालांकि, इस मामले में रेलवे की ओर से आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है। रेलवे के जवाब के बाद पूरे मामले पर आगे की कार्रवाई और स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल, यह घटना सोशल मीडिया सनक के खतरनाक चेहरे को उजागर करती नजर आ रही है, जिस पर रोक लगाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।





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