चुनाव आते ही चुनावी डिजिटल मीडिया भी हुई सक्रिय
पंचकूला मेयर चुनाव 2026: नए और पुराने चेहरे मैदान में उतरने को तैयार
बीजेपी-कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला होना अभी से हुआ तय
पंचकूला नगर निगम मेयर चुनाव 2026 के लिए तैयारियाँ पूरी तरह जोरों पर हैं। राजनीतिक गलियारों में उम्मीदवारों के नाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं, हालांकि अधिकांश ने अभी तक आधिकारिक रूप से अपनी दावेदारी घोषित नहीं की है। लेकिन उनके करीबी सहयोगी और समर्थक सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं, जिससे संभावित उम्मीदवारों के नाम और उनकी रणनीतियों को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि इस बार चुनाव में कई नए चेहरे भी प्रमुख भूमिका निभाने वाले हैं। कुछ ऐसे उम्मीदवारो के नाम भी सामने आए हैं, जिनके बारे में जनता ने पहले कभी नहीं सुना, लेकिन उन्होंने मेयर पद के लिए दावेदारी पेश करने का मन बना लिया है। बल्कि यू कहे की क्यों ने तो अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दावेदारी ठोक भी दी है । राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि इस बार प्रतिस्पर्धा बेहद तीव्र होगी, क्योंकि नए और पुराने दोनों प्रकार के उम्मीदवार मैदान में हैं।
चुनावी रणनीति और मुद्दों की बात करें तो मुख्य ध्यान शहर की विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों और जनता की अपेक्षाओं पर रहेगा।
पिछले मेयर पद के आंकड़ों के अनुसार, पंचकूला में पिछले मेयर चुनाव में जीत का अंतर लगभग 2000 वोटों का ही रहा है, जो इस बार और भी कम हो सकता है। और उसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में भी जीत का अंतर लगभग इतने ही वोट कर रहा है । पिछला मेयर चुनाव भाजपा की झोली में था तो विधानसभा चुनाव का परिणाम कांग्रेस की झोली में गया था ।
मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच
राजनीतिक माहौल के आंकड़ों से प्रतीत होता है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच ही मुख्य मुकाबला होगा। हालांकि तीसरे मोर्चे या अन्य स्वतंत्र उम्मीदवार भी कुछ वोटों को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन उनका प्रभाव निर्णायक नहीं माना जा रहा। पिछले नगर निगम चुनावों के परिणाम बताते हैं कि बीजेपी और कांग्रेस के वोट शेयर में लगभग 70% से अधिक हिस्सेदारी रह सकती है।
अगर विपक्ष का या फिर कोई निर्दलीय उम्मीदवार जिसकी जनता में अच्छी खासी पकड़ है तो वह दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को सीधी टक्कर दे सकता है ।
डिजिटल मीडिया के चुनावी खिलाड़ी भी हुए सक्रिय
चुनाव की घोषणा होते ही डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चुनाव को लेकर चुनावी खिलाड़ी भी दिखाई देने लगे हैं। लेकिन सूत्रों का दावा है कि इनमें से कई मीडिया प्रोफाइल राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से व्यक्तिगत इंट्रो या रिपोर्टिंग के लिए शुल्क वसूलने में जुटे हैं। इससे चुनाव प्रचार और मीडिया कवरेज की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में जीत का निर्धारण उम्मीदवार की जनसमर्थन क्षमता, डिजिटल और फील्ड दोनों तरह की रणनीति, तथा स्थानीय मुद्दों के समाधान पर निर्भर करेगा। स्थानीय जनता भी उत्साहित और सतर्क है, क्योंकि कई नए चेहरे और राजनीतिक अनुभव वाले उम्मीदवार इस बार मैदान में आने वाले हैं। पंचकूला मेयर चुनाव 2026 की यह राजनीतिक लड़ाई नए और पुराने नेताओं के बीच अनिश्चित और रोमांचक रहने की संभावना है।





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